Today Weather 2026: समुद्र में विकसित हुआ चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ अब एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम अब एक ‘प्रचंड चक्रवाती तूफान’ में तब्दील हो गया है। आज 26 फरवरी 2026 से अगले 48 घंटों के दौरान इसका सबसे घातक असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
तूफान की वर्तमान स्थिति और रफ्तार
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवात मोंथा की गति और दिशा ने चिंता बढ़ा दी है:
- हवा की गति: लैंडफॉल के दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 110 किमी/घंटा तक पहुँचने की आशंका है।
- समय सीमा: 27 और 28 फरवरी की शाम तक यह तटीय इलाकों को पार कर सकता है।
- समुद्री लहरें: तटीय क्षेत्रों में समुद्र की लहरें कई मीटर ऊंची उठ सकती हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है।
व्यापक असर: बारिश और आंधी का अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव से न केवल तटीय क्षेत्रों में, बल्कि देश के कई आंतरिक हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल गया है:
- भारी बारिश: कई इलाकों में अगले 48 घंटों में 100 एमएम (4 इंच) से भी ज्यादा बारिश दर्ज होने की संभावना है।
- तापमान में गिरावट: बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आएगी, जिससे ठंड का एहसास बढ़ेगा।
- तेज हवाएं: 60 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा उपाय
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत बचाव दल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन को तैनात कर दिया गया है। निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए हैं:
- निकासी अभियान: निचले और असुरक्षित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।
- सरकारी अलर्ट: आपातकालीन स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
- मछुआरों को सलाह: समुद्र में सक्रियता को देखते हुए मछुआरों को 28 फरवरी तक समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और किसानों की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते में इस तरह का तीव्र चक्रवाती सिस्टम बनना एक दुर्लभ मौसमी घटना है।
- सर्दी की वापसी: यह तूफान जाते-जाते ठंड की एक नई लहर (Cold Wave) लेकर आ सकता है।
- किसानों के लिए जोखिम: खेतों में तैयार खड़ी फसलों के लिए यह बारिश और तेज हवाएं काफी नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों को फसल ढक कर रखने की सलाह दी है।