Today Weather Update 2026: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब एक गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोनथा’ में तब्दील हो गया है, जिसने भारत के तीन प्रमुख तटीय राज्यों—आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Severe Cyclonic Storm) की श्रेणी में रखा है। इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। यह तूफान फिलहाल दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में केंद्रित है और लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शनिवार को इसकी स्थिति पोर्ट ब्लेयर से लगभग 460 किलोमीटर और चेन्नई से 950 किलोमीटर की दूरी पर दर्ज की गई थी।
तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि चक्रवात मोनथा 28 अक्टूबर की शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। आईएमडी के वैज्ञानिक एस करुणा सागर के अनुसार, 26 अक्टूबर से ही तटीय इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलनी शुरू हो जाएंगी, जो समय के साथ और तीव्र होती जाएंगी। इस तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के कई जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है। विशेष रूप से चेन्नई स्थित मौसम केंद्र ने तमिलनाडु के छह जिलों के लिए चेतावनी जारी की है और मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
प्रशासन की तैयारियां और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने तटीय जिलों और रायलसीमा क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने के निर्देश दिए हैं। विशाखापट्टनम कलेक्ट्रेट में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 08912590102 और 08912590100 पर संपर्क कर सकते हैं। कलेक्टर एमए हरेंद्र प्रसाद ने सुनिश्चित किया है कि स्टाफ पालियों में तैनात रहेगा ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां घोषित करने के भी अधिकार स्थानीय प्रशासन को दिए गए हैं।
ओडिशा में आपदा प्रबंधन और चक्रवात मोनथा का अर्थ
ओडिशा सरकार ने भी अपनी आपदा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। राज्य के लगभग 16 जिलों पर इस तूफान का प्रभाव पड़ने की संभावना है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कलेक्टरों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया है कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस बीच, कई लोग इस तूफान के नाम ‘मोनथा’ के अर्थ को लेकर भी उत्सुक हैं। थाईलैंड द्वारा दिए गए इस नाम का थाई भाषा में अर्थ ‘सुगंधित या सुंदर फूल’ होता है। हालांकि नाम कोमलता का प्रतीक है, लेकिन इसकी तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा मानकों का पालन करना और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखना बेहद जरूरी है।