PM Awas Yojana 2.0 Update: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के दूसरे चरण को लेकर केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए लगभग 2.88 लाख नए घरों के निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से उन लाखों परिवारों का सपना सच होगा जो वर्षों से अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे थे।
PM आवास योजना 2.0 की मुख्य विशेषताएं और नए आंकड़े
सरकार की इस नई मंजूरी के बाद योजना के आंकड़ों और लक्ष्यों में बड़ा बदलाव आया है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- कुल स्वीकृत घर: मंत्रालय की हालिया बैठक में कुल 2,76,018 नए घरों की स्वीकृति दी गई है, जिससे अब तक स्वीकृत घरों की कुल संख्या 13.61 लाख के पार पहुंच गई है।
- सामाजिक समावेश: इस बार योजना में समाज के हर वर्ग को शामिल करने का प्रयास किया गया है, ताकि कोई भी वंचित न रहे।
- महिला सशक्तिकरण: स्वीकृत घरों में से 1.67 लाख से अधिक घर महिलाओं के नाम पर आवंटित किए गए हैं।
- विभिन्न श्रेणियों को लाभ: वरिष्ठ नागरिकों के लिए 22,581 घर, ओबीसी के लिए 82,190 घर, एससी वर्ग के लिए 3,525 और एसटी वर्ग के लिए 9,773 घरों को मंजूरी मिली है।
- ट्रांसजेंडर समुदाय: योजना को और अधिक समावेशी बनाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी 8 घरों को विशेष रूप से स्वीकृति दी गई है।
किन राज्यों में लागू होगी यह परियोजना?
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत निर्माण कार्य देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। इसमें शामिल प्रमुख राज्य निम्नलिखित हैं:
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश
- राजस्थान और गुजरात
- महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़
- आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल
योजना के कार्यान्वयन की तीन मुख्य श्रेणियां
सरकार ने इस योजना को तीन अलग-अलग मॉडल्स में विभाजित किया है ताकि लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार घर मिल सके:
- लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): इस श्रेणी में लगभग 1.66 लाख घर बनाए जाएंगे, जहाँ लाभार्थी अपनी जमीन पर घर बना सकते हैं।
- भागीदारी में किफायती आवास (AHP): इसके तहत 1.09 लाख घर तैयार किए जाएंगे, जो निजी या सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी से बनेंगे।
- किफायती किराए के आवास (ARHC): शहरी प्रवासियों और गरीबों के लिए 12,846 किराए के आवास तैयार किए जाएंगे।
आधुनिक तकनीक से बनेंगे ‘डेमोंस्ट्रेशन हाउस’
घरों के निर्माण की गति और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार नई तकनीकों का उपयोग कर रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़, पुडुचेरी और राजस्थान में विशेष प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं:
- लागत-कुशल तकनीक: इन प्रोजेक्ट्स में ऐसी तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा जो कम खर्च में मजबूत घर बनाने में सक्षम हैं।
- रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर शुरू होने से स्थानीय स्तर पर राजमिस्त्री और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- गुणवत्ता पर जोर: आधुनिक मशीनों और प्री-फैब तकनीक के इस्तेमाल से घरों का निर्माण समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।