Gold-Silver Price Today: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा है। जहां एक ओर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, वहीं चांदी के भाव में कल के मुकाबले थोड़ी नरमी देखी गई है। अगर आप आज निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो जान लीजिए कि वैश्विक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार के चलते भारतीय सर्राफा बाजार में क्या स्थिति है।
24 कैरेट सोने और चांदी का औसत भाव
आज बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने (10 ग्राम) की कीमत 1,61,000 रुपये के पार पहुंच गई है। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह 2,66,010 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है। राज्यों में कीमतों का यह अंतर मुख्य रूप से GST और ट्रांसपोर्टेशन खर्च की वजह से होता है।
प्रमुख शहरों में सोने-चांदी की ताजा दरें (24 कैरेट/10 ग्राम)
देश के अलग-अलग हिस्सों में आज सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं:
| शहर | सोना (24 कैरेट/10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलो) |
|---|---|---|
| कोलकाता | ₹1,61,780 | ₹2,65,690 |
| हैदराबाद | ₹1,61,580 | ₹2,67,540 |
| चेन्नई | ₹1,61,790 | ₹2,68,000 |
| बेंगलुरु | ₹1,61,450 | ₹2,67,540 |
| दिल्ली | ₹1,61,670 | ₹2,65,570 |
कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में यह मामूली ‘करेक्शन’ कई कारणों से प्रभावित है:
- होलाष्टक का प्रभाव: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के दौरान शुभ कार्यों और बड़ी खरीदारी में कमी आती है, जिसका आंशिक असर बाजार की रौनक पर पड़ता है।
- वैश्विक नीतियां: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियां और डॉलर की मजबूती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय गोल्ड प्राइस पर हो रहा है।
- जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता: वैश्विक स्तर पर चल रही उथल-पुथल निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित करती है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी रहती है।
निवेश के लिए क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका है।
- सेफ हेवन इन्वेस्टमेंट: सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि साल 2030 तक सोना 5 लाख रुपये के स्तर को पार कर सकता है।
- डिजिटल गोल्ड का क्रेज: आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) फिजिकल गोल्ड के बजाय गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में भारी निवेश कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड ETF में अब तक 24,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है।
- चांदी की बढ़ती डिमांड: सोलर पैनल, मोबाइल सेक्टर और इंडस्ट्रियल एरिया में चांदी की मांग बढ़ने से आने वाले 3-4 वर्षों में इसके भाव में भारी उछाल आने की उम्मीद है।