Gold Price Today 2026: कमोडिटी बाजार में पिछले कई दिनों से जारी सोने-चांदी की तेजी पर आज ब्रेक लग गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई। पिछले सत्र में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब निवेशक मुनाफा बुक (Profit Booking) कर रहे हैं, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
आज के ताजा भाव (MCX Update)
बाजार में आई इस गिरावट के बाद कीमती धातुओं के रेट्स कुछ इस प्रकार हैं:
- चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में 2% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अब यह ₹2,62,892 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
- सोना (Gold): सोने की कीमत में 0.4% की कमी आई है। यह ₹1,60,516 प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
वैश्विक स्तर पर भी कीमतों में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है:
- स्पॉट सिल्वर: 0.6% गिरकर $88.84 प्रति औंस पर आ गई है।
- स्पॉट गोल्ड: इसमें हल्की बढ़त देखी गई है और यह $5,183.85 प्रति औंस पर है।
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स: इसमें 0.5% की कमी आई है, जो अब $5,200.50 के करीब है।
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज की गिरावट के पीछे ये 3 मुख्य कारण हैं:
- मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले छह सत्रों में सोने की कीमतों में करीब 6% की शानदार रैली देखी गई थी। अब निवेशक अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली कर रहे हैं।
- अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: आज जारी होने वाले अमेरिकी साप्ताहिक बेरोजगारी दावों के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर है। अगर आंकड़े मजबूत आते हैं, तो डॉलर में मजबूती आएगी, जिससे सोने-चांदी पर दबाव और बढ़ सकता है।
- भू-राजनीतिक वार्ता: ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु विवाद को सुलझाने के लिए जिनेवा में होने वाली वार्ता से बाजार में सतर्कता बनी हुई है। तनाव कम होने की उम्मीद से भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग थोड़ी कम हुई है।
अन्य धातुओं का हाल
सोने-चांदी के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं में भी सुधार (Correction) देखा जा रहा है:
- प्लैटिनम: 0.5% गिरकर $2,274.16 प्रति औंस।
- पैलेडियम: 1.4% की कमी के साथ $1,770.05 प्रति औंस।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी एक मजबूत और सुरक्षित निवेश विकल्प है। यदि आप नया निवेश करना चाहते हैं, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक तनाव पर नजर रखें।