Gold Silver Price Drop 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में आज कारोबार की शुरुआत होते ही सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कई दिनों से आसमान छू रहे सोने के दाम आज अचानक नीचे आ गए हैं, जिससे शादी-ब्याह के सीजन में आभूषण खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली का सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।
आज का ताजा भाव: सोने की कीमतों में कितनी आई कमी?
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम ₹450 से ₹550 तक की कमी देखी गई है। चांदी की कीमतों में भी गिरावट का रुख बना हुआ है, जिससे औद्योगिक मांग और घरेलू खरीदारों दोनों को लाभ मिला है।
- 22 कैरेट सोना: इसके दाम में गिरावट के बाद आभूषण निर्माताओं के पास ग्राहकों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
- 24 कैरेट सोना: शुद्ध सोने के भाव में भी कमी आई है, जो निवेशकों के लिए खरीदारी का एक अच्छा मौका साबित हो सकता है।
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस अचानक आई मंदी के पीछे कुछ वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं:
- डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव बना है।
- मुनाफावसूली: निवेशकों ने ऊंचे दामों पर सोना बेचकर मुनाफा कमाया है, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ी और कीमतें कम हुईं।
- ब्याज दरें: वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों ने भी सर्राफा बाजार को प्रभावित किया है।
खरीदारों के लिए जरूरी सलाह
कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं या घर में शादी के लिए आभूषण बनवाना चाहते हैं। हालांकि, खरीदारी करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान अवश्य रखें:
- हॉलमार्किंग: हमेशा HUID हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें ताकि शुद्धता की गारंटी बनी रहे।
- पक्का बिल: आभूषण खरीदते समय जौहरी से पक्का बिल जरूर लें, जिसमें सोने की शुद्धता और वजन का स्पष्ट उल्लेख हो।
- स्थानीय रेट: विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों (Taxes) के कारण रेट में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर का सटीक भाव जरूर चेक करें।
आने वाले समय का अनुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों का रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता पर निर्भर करेगा। हालांकि भारत में शादियों का सीजन होने के कारण मांग में वृद्धि हो सकती है, जो कीमतों को फिर से ऊपर की ओर ले जा सकती है। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वर्तमान गिरावट खरीदारी का एक अनुकूल समय साबित हो सकती है।