Today Weather Update : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के तीन अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है, वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण 28 फरवरी तक और फिर 2 से 3 मार्च के बीच उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बदलने के आसार हैं। इसके तुरंत बाद मैदानी राज्यों में पारा 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
उत्तर और मध्य भारत में बढ़ती गर्मी और कोहरे का प्रभाव
उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अगले सात दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, कोहरे का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे शहरों में दिन का तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है, जबकि सुबह और रात के तापमान में अब अंतर कम होता दिख रहा है। बिहार के पटना और गया जैसे जिलों में भी दोपहर की तेज धूप अब लोगों को परेशान करने लगी है।
दिल्ली-एनसीआर और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज
दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में फिलहाल मौसम स्थिर बना हुआ है। अगले 48 घंटों तक यहाँ बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन दिन के समय तेज धूप के कारण हल्की गर्मी महसूस की जा सकती है। इसके विपरीत, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम करवट लेने वाला है। देहरादून, शिमला और मनाली जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 27 और 28 फरवरी को भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस बदलाव के कारण इन पहाड़ी क्षेत्रों में एक बार फिर ठंड की वापसी हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश और राजस्थान में गर्मी का प्रकोप
दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण 1 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है। चेन्नई और आसपास के जिलों में बादल छाए रहेंगे। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में गर्मी ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। भोपाल, इंदौर और जयपुर जैसे शहरों में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। राजस्थान के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत में ही भीषण गर्मी का अनुभव होने लगेगा, जिससे मैदानी इलाकों में सर्दियों का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।